Hello Friends, I hope you all are well and healthy. Stay in your home and be safe, enjoy your life.
"हूं सुकून से"
हूं सुकून से इसलिए कि...
धोखा खाया है......
कभी दिया नही है.....
धन को हमेशा कमाया है
चुराया नहीं है.....
दिल में हमेशा प्रेम का दीप जलाया है....
वासना की चिंगारी कभी नहीं सुलगाई.....
दुआओं को बटोरने के लिए....
नित स्वच्छ कर्मो के लिए प्रतिबद्ध रहता हूं....
कभी कुछ दर्दो को समेटने के लिए प्रयासरत हूं.....
कुछ खुशियों को पाने के लिए प्रयासरत हुं........
नित नई इच्छाएं जाग्रत होती हैं.....
नित नई सपने गुनता हूं और बुनता हुं......
ईश्वर भी नई परीक्षा रोज लेता है....
कभी जीना सिखाता है तो कभी मृत्यु का भी अहसास कराता है.....
रोज ठोकर खाता हूं रोज गिरता हूं गिरकर फिर खड़ा हो जाता हूं.....
हु सुकून से इसलिए की धोखा खाया है...
दिया नही है।।।।।।।
Enjoy the poetry
I am post on Steemit every day with a new idea, and here I get to learn new things every day, it's a very happy day for me every day. I thank the Steemit community for giving us this platform.
Thanks for reading my post
Have a great day.
I hope you like it.
(मेरे मित्र का एक छोटा सा प्रयास)
Good poem thanks for sharing
#india #affable
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