बनी बनाई इज्जत छोरे न, कुछ दिना मे ही मेट दी
आज समैक पीन खातर छोरे न, अपनी माँ की टूम तक बेच दी ।।
यारा गेलया बैठक मे, वो पेपर नीचा लैटर लारया था
आज तो कति चाला होगया, उसका छोटा भाई भी समैक पीन आरया था ।।
हम भी पीपल तला बैठे, सारा नजारा देखाँ थे
के होवेगा म्हारे गाम का, इसे बात न सोचा थे ।।
थोडी देर मह बैठक मह त,जोर-जोर त रोन की आवाज आन लागी
के बात होयी बालका गेलया, नयू देखण म्हारी मडंली भी भीतर जान लागी ।।
उन बालका का हाल देख के,म्हारा भी दुख होवे था
उस छोटे भाई का तो जगूड आरे, बडा उना गोडया मे लेका रोवे था ।।
छोरे की आखँ टिकी देख क, म्हारे पैरे तले की धरती हाल गी
अर उसके बेहोश होन की खबर, गाम मह आग की तरिया फैल गी ।।
काँधे का सहारा लाके, हम उसना डाकॅटर पे लेका जावे थे
आँख ऊपर ठाके देखी, सयामी उसके माँ-बाबू भी भाजे आवे थे ।।
हाल देख छोरे का, उसके माँ-बाबू भी रो लिए
पकड क हाथ उसका, म्हारे गेलया गेलया हो लिए ।।
गाम की फिरनी पे पहुचँ क, वो छोरा दम तोडगया
साहिल तेरे रसीना न, आज एक ओर भाई छोडगया।।
भगवान मेरे हरियाणा न बचाले, ना त यो जहर सबने तंग करेगा
ज सारे ही नशया मह लाग गए, तो तेरा सत्संग कोन करेगा ।।
Downvoting a post can decrease pending rewards and make it less visible. Common reasons:
Submit